Computer Information


OUR AIM IS BEST COMPUTER EDUCATION PROVIDING TO ALL STUDENT


सभी का मेरे ब्लॉग विवेक कंप्यूटर एजुकेशन पर स्वागत है। कंप्यूटर के सभी प्रोग्राम की जानकारी प्राप्त करें।


कंप्यूटर के बारे में ज्यादा पढ़े और अधिक जानकारी प्राप्त करें।

AUTHOR

दोस्तों मैं अमित कुमार आप सभी का मेरे ब्लॉग Vivek Computer Education पर स्वागत करता हूँ।

Program Details

AUTHOR 👉 AMIT KUMAR
Computer Ke Programs की ज्यादा जानकारी पढ़ने के लिए निचे दिए गए प्रोग्राम पर क्लिक करे और अधिकतम जानकारी प्राप्त करे।


👉COMPUTER PARTS के बारे में जानने के लिए यहाँ क्लिक करें👈

Saturday, October 5, 2024

TALLY FEES ENTRY

Welcome to

Tally मे Fees की Entry कैसे करे।


सबसे पहले आप Company Create करे जो भी आपके School, College, Coaching या Tuition Center का नाम हो जैसे
👇

Vivek Computer Education

Company Create करने के बाद आप Ledger Create करे Account Info के अंदर प्रवेश करके Leder Create करे जैसे आपके Student का नाम लिखे फिर Under मे Sundry Debtor Select करे फिर Maintain Balance Bill-by-bill को Yes करे। Student का Address भी आप लिख सकते है या छोड़ सकते है। फिर Enter करके Accept कर दे। फिर दूसरा Ledger Create करे जैसे की आप किस तरह से Students से Fees लेते है, जैसे School Fees या Course By Course Fees या Tuition Fees या Computer Fees जैसे की मैंने यहा Computer Fees का Ledger Create किया है। फिर इस Ledger को मैंने Under मे Indirect Income मे Select किया है, क्योंकि यहा हम Fees Students से Service देकर प्राप्त कर रहे है। इसलिए इसका Ledger Indirect Income मे Select करे। फिर Esc (Escape) दबाकर बिल्कुल बाहर आए और Accounting Vouchers मे Enter करे फिर Keyboard मे से F7 दबाये आपके सामने Journal Ka Voucher Option खुल जाएगा। फिर आप Journal No.1 मे Particular मे आप By मे Student का नाम लिखे और Enter करे फिर Amount लिखे जितने महीने या साल की आप Total Fees लेते है एक Student से वो लिखे जैसे की मैंने यहा 12 Months की 6750 Rs Fees लिखी है फिर Bill Wise Details मे New Ref मे आप अपने अनुसार कुछ भी लिख सकते है, जैसे मैंने यहा Computer Fees लिखा हुआ है। फिर Enter करे फिर To मे Computer Fees या आप जिस भी Ledger का नाम बनाएंगे वो Select करे और Accept करे। इसके बाद आप Keyboard मे F6 Button को दबाये F6 को दबाने से Receipt का Voucher Option खुल जाएगा फिर आप जिस महीने की Fees Entry करना चाहते है Keyboard मे F2 दबाये फिर Date मे तारीख 1st लिखे और Month Change करके Entry करना शुरु करे जैसे :- Receipt No.1 मे Account Cash Select करे और Enter करे फिर Student ka नाम Select करे औऱ महीने की जो भी Fees है वो लिखे फिर Bill-wise Details for मे Type of Ref मे Agst Select करे ऐसा करने से आपके सामने आपका बनाया हुआ Computer Fees का Ledger आएगा फिर इसे Select करके Enter करे ऐसा करने से Student की Fees Automatically घटती चली जाएगी जब भी आप Next Month की Entry करोगे। इस प्रकार आप हर महीने की Entry करते जाए आपके Students का Fees Record एकदम सही रहेगा।

Friday, June 7, 2024

COREL DRAW

नमस्कार दोस्तों मैं अमित कुमार आज की पोस्ट में आपको Graphic Designing Software Corel Draw के बारे में बहुत विशेष जानकारी दूँगा आप मेरी पोस्ट को पूरा पढ़े।

COREL DRAW


कोरल ड्रा एक Vector Graphic Editing Software है, जिसे विकसित और विपणन ओटावा, कनाडा के कोरल निगम ने किया। इसका सबसे नया संस्करण X8 है जो मार्च, २०१६ में प्रकाशित हुआ। कोरल ड्रा लोगो और पोस्टर के रूप में दो-आयामी छवियों को संपादित करने के लिए बनाया गया है। यह सॉफ्टवेयर डिजाइन और संपादन के लिए प्रयोग किया जाता है जो वेब पर भी प्रयोग किया जा सकता है। Corel Draw Graphic Design के लिए सबसे बेहतरीन Software है। Corel Draw में आप किसी भी प्रकार की Designing कर सकते है।



Corel Draw में किसी भी प्रकार की Designing करने के लिए आपको Corel Draw के सभी Tools पर कार्य करने की अच्छी समझ होना बहुत आवश्यक है तभी आप Corel Draw पर अच्छी Designing बना सकते है। Corel Draw पर Graphic Designing का कार्य सबसे ज्यादा किया जाता Corel Draw मे काफी सारे Tools है। जिनके बारे मे विस्तार से जानिए।


> सबसे पहले आप Google की web, Website से Corel Draw Download करे फिर अपने Computer या Laptop में Corel Draw Install करे। Installation Complete होने के बाद आप Corel Draw Open करे फिर आप Corel Draw में किसी प्रकार की Designing करना सीखें।


Sunday, April 2, 2023

Microsoft Access

MICROSOFT ACCESS


दोस्तो एक बार फिर मेरे ब्लॉग विवेक कंप्यूटर एजुकेशन पर आपका स्वागत है। आज की इस ब्लॉग पोस्ट में मैं आपको माइक्रोसॉफ्ट एक्सेस के बारे में विस्तार से जानकारी दूंगा। मेरी पोस्ट को पूरा पढ़ते रहे। और Microsoft Access की जानकारी जानिये।


Microsoft Access-यह Microsoft Office का पैकेज है। Microsoft Access एक डेटा बेस प्रोग्राम है। (DBMS)--Database Management System है, जिसे Microsoft ने विकसित किया है। इसका उपयोग डेटा को संग्रहित (Store), व्यवस्थित (Organize), खोजने (Search) और रिपोर्ट बनाने (Report Generate) के लिए किया जाता है। Microsoft Access में Blank Data Base File Create करके Data रिकॉर्ड कर सकते हैं। Ms Access में Local Template द्वारा Assets,Contacts,Event, Faculty, Issues Marketing Projects, Sales Pipeline, Student, Task आदि फॉर्म क्रिएट करके डेटा रिकॉर्ड करते हैं और डेटा को इंपोर्ट और एक्सपोर्ट भी कर सकते हैं।


Contact Form में एंट्री करने के लिए सबसे पहले Microsoft Access Open करे फिर Contact पर Click करके फिर Create पर Click करके Create करने पर Contact List खुल जाएगी। फिर Mouse से New पर Click करे। और Form को पूरा भरे। Form भरने के बाद Save पर Click करें। आपके द्वारा भरा गया Form Record Save हो जाएगा। दूसरा Form भरने के लिए New पार Click करने से Blank Form खुल जाएगा। इसी प्रकार आप एक ही Contact Form में कई Entry कर सकते हैं।

Microsoft Access का उपयोग स्कूल, कॉलेजों, संस्थान, में छात्रों का रिकॉर्ड रखने के लिए किया जाता है और अस्पतालों में मरीजों का रिकॉर्ड रखने और दुकानों में स्टॉक और बिक्री का रिकॉर्ड रखने के लिए और कंपनियों में कर्मचारियों और लाइब्रेरी प्रबंधन के लिए का डेटा रखने के लिए किया जाता है

Wednesday, March 15, 2023

Tally.Erp 9.0

Welcome to

Tally में GST BILL बनाने की प्रक्रिया विस्तार से जानिए।

👇

Tally.Erp 9.0 में GST (Goods & Service Tax) का बिल बनाना सीखे बिलकुल विस्तार से GST का बिल बनाने के लिए पोस्ट को पूरा पढ़े। तो शुरू करते है। सबसे पहले आप टैली को ओपन करें। अगर आप Tally को Educational Mode पर चला रहे हो तो Keyboard से Esc Button दबाये फिर Company Create करने के लिए। अगर पहली बार Company Create कर रहे हैं, तो Create Company पर Select करके Enter करे या keyboard से C Button दबाये अगर Tally में पहले से और भी कंपनी मौजूद है to Keyboard से Alt + F3 दबाये और Create करे।


👇

Directory - इसमें Company को अपनी इच्छा अनुसार किसी भी Local Drive में C:\, D:\, E:\ आदि कहीं भी Save कर सकते हैं। जैसे :- D:\Amit\Tally\Data इस प्रकार आप अपना नाम लिखकर Company Create करने पर आपके द्वारा बनाई गई Company D:\ Drive मे आपके नाम जो भी नाम आप लिखेंगे उसमें Data Folder के अंदर Save हो जाएगी।


Name -इसमें अपनी Company का नाम लिखे।

Mailing Name - इसमें जो ऊपर Company का Name लिखेंगे Enter करने पर वही Name नीचे Mailing Name में आ जायेगा।

Address - इसमें अपनी Company का पूरा पता लिखे जहां पर Company स्थापित है।

Country - इसमें अपना देश Select करे।

State - इसमें अपना State Select करें।

Pin Code - इसमें अपना Pin Code लिखे।

Phone no. - इसमें अपना Landline Number लिखो यदि मौजूद हो।

Mobile no. - इसमें अपना मोबाइल नंबर लिखे।

Fax no. - इसमें अपना फैक्स नंबर लिखे यदि मौजूद हो।

E -mail - इसमें अपनी email Id लिखे।

Website - इसमें अपनी वेबसाइट लिखे यदि मौजूद हो।

Financial year begins from -

Books beginning from -

Tally Vault password (if any) -

Repeat password -

Use Security Control - को अगर Yes करते हैं तो इसमें Name of Administrator में अपना नाम और एक नया अलग Password भी दे सकते हैं जिससे Company और ज्यादा सुरक्षित रहे।

Use Tally Audit Features - No रहने दे जब इस विकल्प के प्रयोग करने की जरूरत पड़े तो इसे Yes कर दें।

Disallow Operating in Educational Mode को भी No रहने दे।

Base Currency Symbol - इसमें Country के अनुसार Automatic मुद्रा चिन्ह (₹) आ जाएगा।

Formal Name - इसमें भी Country के अनुसार Automatic औपचारिक नाम (INR) आ जाएगा।

Suffix Symbol in Amount - इसमें No रहने दें जब इस विकल्प की जरूरत हो तो इसे Yes कर दें।

Add Space Between Amount and Symbol - इसमें Yes रहने दें।

Show Amount in Millions - इसमें No रहने दें।

Number of Decimal Places - इसमें 2 रहने दें इसमें आप दशमलव की संख्या को 0 से 4 तक बढ़ा भी सकते इस Option से Stock Item में Rate के पीछे Double Zero (.00) या संख्या आती है। जैसे 500/500.0/500.00/500.000/500.0000 (उदहारण 20.50) इस प्रकार संख्या को इस Option के अनुसार बदलत सकते हैं।

Word Representing Amount After Decimal - इसमें Automatic Paise रहने दें।

No of Decimal Places for Amount in Words - इसमें सामान्य वित्तीय लेन-देन के लिए दशमलव स्थानों की संख्या 2 निर्धारित करना मानक प्रक्रिया है। शब्दों में लिखी गई राशि के लिए दशमलव स्थानों की संख्या इस संख्या के बराबर या इससे कम होनी चाहिए इसे 0 से 4 तक बदल सकते हैं।

👇


फिर कीबोर्ड से F11 बटन को दबायें फिर F3 दबायें फिर Enabled Goods and Service Tax (GST) को Yes करे। फिर Set/alter GST details को Yes करे। इसे Yes करने पर एक और नया विकल्प खुलेगा इसमे कंपनी की Details भरे। और Accept करें। फिर Esc (Escape) Button दबाये।
👇


Set/alter GST details इसे Yes करने पर एक और नया विकल्प खुलेगा इसमे कंपनी की Details भरे। फिर Esc (Escape) Button दबाये।
👇

Gateway of Tally में Accounts Info. Ledgers पर Enter करे या Keyboard में A Button दबाये।
👇


Single Leder Create करे।
👇


फिर Sales का Ledger Create करें। जैसे Name - Sales लिखे Under- Sales Account में Select करें। जैसे
👇

फिर Statutory Information में Is GST Applicable को Applicable करें। Set/alter GST Details को Yes करें। फिर GST Details For Ledger Sale Taxable में। Nature of transaction में Sales Taxable Select करें। फिर Taxability में Taxable Automatic आ जाएगा। फिर Tax Type Rate में। Integrated Tax में 18% लिखे और Accept करें।
👇

फिर CGST का Ledger Create करें। जैसे Name - CGST Under- Duties & Taxes में Select करें। Type of duty/tax में GST Select करें। Percentage of Calculation में 9% लिखें। और Accept करें। इसी प्रकार SGST का Ledger Create करें। जैसे
फिर Sgst का Ledger Create करे। जैसे Name - SGST Under- Duties & Taxes में Select करें। Type of duty/tax में GST Select करें। Percentage of Calculation में 9% लिखें। और Accept करें। फिर Esc (Escape) Button दबाये।
Name - SGST Under- Duties & Taxes में Select करें।
Type of duty/tax में GST Select करें।
Percentage of Calculation में 9% लिखें। और Accept करें। फिर Esc Button दबाये।

फिर Inventory Info में। Units of Measure Create करें जैसे 👇
Type - Single ही रहने दें।
Symbol - Pcs लिखे।
Formal Name- Pieces लिखें फिर Accept करें। जैसे 👇

फिर Esc करें और

Stock Item Select करें। फिर Single Item में Create पर क्लिक करें। और कोई भी Item Create करे। जैसे 👇
फिर Esc (Escape) करके Gateway of Tally मतलब बिल्कुल बाहर आ जाए और Accounting Vouchers के लिए V दबा सकते है या Arrow से नीचे की तरफ Selection लाकर Accounting Vouchers पर enter करे।

Saturday, November 26, 2022

Ad Serving is Currenlty limited क्या है?

Ad Serving is Currenlty limited


पोस्ट को पूरा पढ़ते रहे हर समस्या का समाधान जरूर मिलेगा।



नमस्कार दोस्तों में अमित कुमार आज की पोस्ट में Google Adsense Ad Serving is Currenlty limited (The number of ads you can show has been limited) क्यो आता है? आज की इस पोस्ट में इसकी पूरी जानकारी आपको दी जाएगी पोस्ट को पूरा पढ़े। दोस्तों आप भी गूगल एडसेंस में जरूर रुचि रखते होंगे और आपने भी ब्लॉगर पर अपना अकाउंट बनाने के बाद अपनी ब्लॉग वेबसाइट को पब्लिश भी किया होगा और आपको गूगल एडसेंस अप्रूवल भी शायद नहीं मिला हो क्योंकि गूगल एडसेंस में डोमेन खरीदना पड़ता है। और डोमेन खरीदने के बाद गूगल एडसेंस का अप्रूवल मिलने के चांस ज्यादा होते हैं। लेकिन आप डोमेन नहीं खरीदना चाहते हैं, और फ्री में ब्लॉगर वेबसाइट द्वारा कमाई करने के बारे में रहे हैं तो मैं आपको बताना चाहता हूं की फ्री में ब्लॉग बनाकर कमाई करने के लिए आपको बहुत ज्यादा मेहनत करनी होगी और अपने खुद के अच्छे कंटेंट लिख अपने कबलॉग को पोस्ट करें। अगर आप Continue अच्छे कंटेंट अपने ब्लॉग पर पोस्ट करते रहेंगे तो आपको जरूर गूगल एडसेंस अप्रूवल मिल जाएगा। Approval मिलने के बाद अपने ब्लॉग पर विज्ञापन दिखा करvकमाई शुरू कर सकते हैं। अब बात करते हैं कि गूगल एडसेंस अप्रूवल मिलने के बाद भी आपके ब्लॉग पर विज्ञापन क्यों नहीं दिख रहे इसका क्या कारण हो सकता है? पोस्ट को पूरा पढ़ते रहे। Google Adsense Ad Serving is Currenlty limited आपके ब्लॉग वेबसाइट पर तब आता है जब आपके ब्लॉग पर इनवैलिड ट्रैफिक आना शुरू हो या किसी दूसरे मोबाइल का इस्तमाल करके अर्निंग ज्यादा करने का कार्य किया जाता हो तब इनवैलिड Traffic Ad Serving is Currenlty limited वैसे Ad Serving is Currenlty limited आने पर आपको घबराने की जरूरत नहीं है। क्योंकी ये समस्या 1 महीने तक रहती और बाद में हट जाती है और इस Ad Serving is Currenlty limited की समस्या हटने के बाद आप फिर से अपने ब्लॉग पर विज्ञापन लगा कर कमाई कर सकते हैं। इसके लिए आपको कुछ टिप्स फॉलो करने होंगे जो मैं बताऊंगा, सबसे पहले अगर आपने अपने ब्लॉग पोस्ट को भी शेयर किया हुआ हो तो वहां से डिलीट कर दे और अपने एडसेंस ऑप्शन में ऑटो Ads को No Ads करें। दोस्तो ये समस्या काफी ब्लॉगर्स के साथ हुई होगी मेरे साथ भी हुई थी लेकिन मैंने हिम्मत नहीं हारी बहुत सारी तकलीफ का सामना करने के बाद मेरी प्रॉब्लम सॉल्व हुई और मैंने फिर से Ads लगाना शुरू किए और फिर मेरे ब्लॉग पर Ads दिखना शुरू हुए। तो आपको भी अपनी ऐसी समस्या का समाधान करने के लिए मेहनत करनी होगी और मेरे द्वारा बताए गए रूल को फॉलो करेंगे तो समस्या जल्दी सॉल्व होगी। हमारी पोस्ट को पढ़ने के लिए आपका बहुत-बहुत धन्यवाद अगर आपकी ब्लॉग द्वारा कोई भी समस्या हो जाए तो मैं कामना करता हूं कि आपकी समस्या जल्दी हल हो।
Blog Witer- Amit Kumar

Thursday, September 29, 2022

Blog क्या होता है ?

BLOG क्या होता

ब्लॉग्गिंग ये होता है, इसमें किसी भी प्रकार का कार्य जैसे जो blogger अपने Blog के माध्यम से किसी भी तरह की जानकारी जैसे Information Techonology (सूचना प्रोद्योगिकी) की जानकारियां आपको अपने ब्लॉग के माध्यम से अच्छी और सरल जानकारी प्रदान करे। अगर आप हमारी इस पोस्ट को पढ़ रहे है तो आप ज़रूर ब्लॉग में रूचि रखते है। तो आप भी एक अच्छे Professional Blogger बन सकते है। हमारी इस पोस्ट को पूरा पढ़ते रहे। मैं यही कोशिश करूंगा की आपको ब्लॉग्गिंग की सरल और ज्यादा से ज्यादा जानकारी दूँ।


Blogging एक प्रकार की Website ही होती है इसमें कई प्रकार की ब्लॉग वेबसाइट पर ब्लॉग बना सकते है। Blog बनाने से पहले आप किसी भी ब्लॉग वेबसाइट पर ब्लॉग बनाने के लिए आपको उस वेबसाइट पर अपना एक अकाउंट क्रिएट करना होता है। Account Create करने के लिए आपको उस Website जिस पर आप Blog बनाना चाहते है। के Website Pages पर Sign Up करना होगा फिर उस में अपनी Deatails भरनी होगी। फिर आपको अपने Blog का कोई Unique Name जैसे हमारे Blog का नाम विवेक कंप्यूटर एजुकेशन आप जिस प्रकार का ब्लॉग बनाएंगे तो उसी से Related आपको अपने ब्लॉग का नाम देना है। वैसे तो ब्लॉग की काफी सारी वेबसाइट है। और आपको ब्लॉग बनाने के लिए डोमेन भी खरीदना होगा। जिससे आपको Addsense Approval जल्दी मिल सके।


दोस्तों अब मैं आपको बिल्कुल शुरआत से ब्लॉग बनाने की पूरी जानकारी के बारे में बताऊंगा जिससे आप अच्छा ब्लॉग बना सके और Adsense के द्वारा Earning भी कर सके तो Post को शुरू से लेकर पढ़ते रहे। सबसे पहले आपको Google पर Gmail में अपना अकाउंट क्रिएट करना होगा। यदि आपने Gmail में अपना Account पहले से बना रखा है। तो उस Account के माध्यम से Google पर www.blogger.com पर Click करके Blogger.com के Page पर Create a unique and beautiful blog easily पर क्लिक करे। फिर अपनी Gmail ID लिखे फिर Password लिखे और Sign in करे। फिर नीचे दिखाए गए चित्र में अपने Blog का Uniuqe नाम दे। फिर Create Your Blog पर Click करे।

 

 


फिर अपने ब्लॉग के लिए कोई यूनिक नाम टाइप करे फिर Next पर क्लिक करे।
फिर Address में अपनी Gmail ID Type करे। और Next पर क्लिक करे। फिर Display में अपने Blog का नाम जो आप प्रदर्शित (दिखाना चाहते) वह Type करे। फिर Finish पर Click करे। इसके बाद आप Earning पर Click करे। फिर Create Adsense Account पर क्लिक करे और फिर Start Using Adsense पर क्लिक करने पर आपकी Blog Website तैयार हो जाएगी। फिर आप अपने ब्लॉग पर अच्छे कंटेंट/आर्टिकल लिखे Blog एक Wesite ही है जिसे कभी - भी Update किया जाता है, और अपने लिखे हुए Content को Publish किया जाता है। जब आप अच्छे कंटेंट लिखना शुरू करेंगे और आपके ब्लॉग पर ट्रैफ़िक आएंगे तो फिर आप Blog Adsense के द्वारा कमाई शुरू कर सकेंगे। दोस्तों आशा करता हूँ आपको हमारी Post Blogging की जानकारी अच्छी लगी हो। और आप हमारी इस Post के माध्यम से आप भी एक अच्छे Professional Blogger बन सके और Google Adsense पर अच्छे Content लिख कर Adsense Approval ले सके।

Friday, September 23, 2022

KEYBOARD SYMBOLS NAME

नमस्कार दोस्तों आज की पोस्ट में मैं Amit Kumar आपको कीबोर्ड के सिंबल (चिन्ह) के बारे में बहुत ही खास जानकारी दूंगा। Symbols के नाम English और हिंदी में आपको इस पोस्ट के माध्यम से प्राप्त होगा पोस्ट को शुरुआत से पूरा पढ़े और कंप्यूटर की अधिकतम जानकारी प्राप्त करे। और Keyboard के Symbols के नाम की जानकारी जानिये।

ऊपर दिखाए गए Chart में ये Symbols Shift का प्रयोग करने पर Page पर आयेंगे। इन Symbols का उपयोग Typing करते समय प्रयोग किया जाता है, और किसी भी Programing Code में इन Symbols का प्रयोग किया जाता है। जैसे- HTML, DHTML, JAVA SCRIPT, VB SCRIPT, C, C++ आदि में इनका प्रयोग किया जाता है।


Tuesday, September 13, 2022

Microsoft Dos


DOS



नमस्कार दोस्तों आज की पोस्ट में मैं आपको Computer Fundamental में Dos के बारे में जानकारी दूँगा पोस्ट को पूरा पढ़ते रहे और Computer की ज्यादा जानकारी प्राप्त करें।


MS-DOS - Microsoft Disk Operating System यह एक कमांड-लाइन आधारित ऑपरेटिंग सिस्टम है। Windows जैसे (GUI) Graphical User Interface से पहले Computers में Dos का उपयोग मुख्य रूप से डिस्क जैसे : - फ्लॉपी या हार्ड डिस्क को प्रबंधित करने और टेक्स्ट कमांड के जरिए कंप्यूटर को निर्देश देने के लिए किया जाता था।DOS (Disk Operating System) यह एक सिस्टम सॉफ्टवेयर है जो यूजर और कंप्यूटर हार्डवेयर के बीच माध्यम का काम करता है। यह CUI (Character User Interface) या कमांड लाइन इंटरफेस पर आधारित होता है, जिसका मतलब है कि इसमें माउस का उपयोग नहीं होता था। कंप्यूटर पर कोई भी कार्य करने या फाइल खोलने के लिए कीबोर्ड से विशेष टेक्स्ट कमांड (Text Command) टाइप करने पड़ते थे। Dos का पूरा नाम Disk Operating System हैं। यह सबसे लोकप्रिय Operating System था। Ms-Dos को 1980 के दशक की शुरुआत में आईबीएम (IBM) कंप्यूटरों के लिए बनाया गया था। तब Dos का Version 1.0 था फिर Ms Dos का आखिरी स्टैंडअलोन (स्वतंत्र) वर्जन 6.22 है, जिसे 1994 में रिलीज़ किया गया था। Dos एकल-कार्य (Single-Tasking) यह एक समय में केवल एक ही प्रोग्राम या कार्य को करने में सक्षम था। Dos 6.22 की बेहतर Internal और External Command के बारे में जानें और समझे।
INTERNAL COMANND

(1) - C:\>Date

इस कमांड के द्वारा Date Check करते और Date को बदल भी सकते हैं।


(2) - C:\>Time

इस कमांड के द्वारा Time Check करते और Time को बदल भी सकते हैं।


(3) - C:\>Cls

इस कमांड के द्वारा Screen पर लिखी हुई Command को Clear करते हैं।


(4) - C:\>Ctrl+C

इस कमांड के द्वारा कोई भी कमांड Type करते हुए Cancel करते हैं।


(5) - C:\>Ctrl+Z

इस कमांड के द्वारा File Save करते हैं।


(6) - C:\>F6

इस कमांड के द्वार भी File Save करते हैं।


(7) - C:\>Ver

इस कमांड के द्वारा Dos का Version Check करते हैं।


(8) - C:\>Copy Con Amit

इस कमांड के द्वारा नई File बनाते हैं।


(9) - C:\>Type Amit

इस कमांड के द्वारा File Check करते हैं।


(10)- C:\>Copy Amit Vivek

Copy Old File Name & New File Name इस कमांड के द्वारा पुरानी File का लिखा हुआ Matters नई File में Copy हो जाता है।


(11)- C:\>Dir

इस कमांड के द्वारा Files और Directory दोनो को एक साथ देखते हैं।


(12)- C:\>Dir/P

इस कमांड के द्वारा Files और Directory दोनो को एक साथ Page By Page देखते हैं।


(13)- C:\>Dir/W

इस कमांड के द्वारा Files और Directory दोनो को एक साथ 5 Column और कोष्ठक Width में देखते हैं।


(14)- C:\>Dir/ON

इस कमांड के द्वारा Files और Directory दोनो के नाम को Ascending Order (आरोही क्रम) में दिखाता हैं।


(15)- C:\>Dir/O-N

इस कमांड के द्वारा Files और Directory दोनों के नाम को Descending Order (अवरोही क्रम) में दिखाता हैं।


(16)- C:\>Dir/AD

इस कमांड के द्वारा सिर्फ Directory को Ascending Order में (आरोही क्रम) में दिखाता हैं।


(17)- C:\>Dir/A


COMPUTER FUNDAMENTAL THEORY


Q. What is Computer?

Ans. Computer is an electronic device machine which can do arithmetical and logical calculation very fast it takes few minute data to process.

(कंप्यूटर बिजली से चलने वाला यंत्र है, जिसकी गणना बहुत तेजी से की जा सकती है, कुछ ही मिनट में)



Q. Who was Father of Computer?

Ans. The father was of computer Charles Babage.


Q. Who was Father of Laptop?

Ans. The father of Laptop is Bill Moggridge.


Q. Who was Father of Typewriter?

Ans. The father was of Typewriter Christopher Lathem Soles.


Q.3.What is Full Form of Basic?

Ans. Beginners All Purpose Symbolic Instruction Code.


Q.4.What is Windows?

Ans. Windows is a Operating System.


Tuesday, September 6, 2022

INTERNET

Internet क्या है।

मेरे ब्लॉग पर आपको Computer की सभी तरह की जानकारियाँ मिलेंगी।

Internet एक Global Computer Network है जो की पुरे विश्व में Network के माध्यम से जुड़ा हुआ। यह एक मानकीकृत संचार Protocol का प्रयोग करके विश्व में कई प्रकार की महत्वपूर्ण जानकारियां और सुविधाएं प्रदान करता है। Internet यह कई कंप्यूटर के माध्यम से जुड़ा हुआ है। Internet में (www) का पूरा न World Wide Web होता है। यह जानकारियों का भंडार होता है। इसमें प्रत्येक लिंक पर क्लिक करके जानकारिया प्राप्त कर सकते है। यह एक ऐसी Technology है। इसमें विश्व के Computer एक दूसरे से जुड़े हुए है। (World Wide Web) - Html और Http Web Server और Browser पर काम करता है। (ट्रांसमिशन कंट्रोल प्रोटोकॉल और इंटरनेट प्रोटोकॉल) विश्व में Devices को Link करने के लिए (IP) Internet Protocol का प्रयोग करने वाले Interconnected परस्पर) Global Computer Networking प्रणाली है। इसमें Private, Public, Educational, Business और Government Networks of global networks मौजूद है।
Internet को चलाने के लिये Computer में Lan, Wi-Fi या Mobile से Usb Data Cable Connect करके Internet चलाया जा सकता है Internet Connect होने के बाद Computer में Internet Explorer, Firefox, Chrome, Safari में कोई भी Browser होना चाहिए ताकि Internet सही प्रकार से चल सके। कोई भी Browser जो आपके Computer में मौजूद हो उसे Open करके उपाय दिए गए Address Bar में www.google.com लिखकर Search करने या Enter करने पर गूगल की Website Open हो जाएगी फिर उसमें जो आपको Search करना है जैसे :- न्यूज, राशि, फोटो यूट्यूब, या सरकारी Result आदि जो भी आप खोलना चाहते हैं उसके बारे में लिखकर Enter करे आपके सामने गूगल पर सारी जानकारी आ जाएगी।

Sunday, September 4, 2022

VB SCRIPT

VB SCRIPT
VISUAL BASIC SCRIPT

VB SCRIPT एक सक्रिय भाषा है। इस भाषा को ने 1996 में विकसित किया तब VB SCRIPT का Version 10.से 2.0 तक हुआ यह Script Windows में प्रयोग होने वाली भाषा है। इसके बाद Version 5.0 में VB SCRIPT की कार्यक्षमता को नई Technology के साथ बढ़ाया गया। फिर VB SCRIPT Version 5.5 की शुरुआत हुई। इसमें VB SCRIPT को Regular Expression Claas के साथ जोड़ा गया। जिससे Script लेखक को Expressions के अंदर Text कैप्चर करने की अनुमति मिल सके। जब Microsoft Internet Explorer मेें Client-Side Web Development के नियोजित किया जाता है, तो VB SCRIPT Java Script के समान कार्य करती है VB SCRIPT का उपयोग Web Pages के Server-Side Processing के लिए भी किया जाता है। विशेषकर बात Microsoft Active Server Page Asp के साथ Engine और Library ASP.DLL आव्हान करता है। VB SCRIPT का प्रयोग करने के लिए ASP Page में Embedded VB SCRIPT <% और %> सन्दर्भ Switch के अंदर निहित है। VB SCRIPT के साथ ASP Page का निम्न उदहारण Current समय को 24 घंटे में Display करता है। लेकिन इसका प्रयोग Operating System Windows के साथ Error संदेश के लिए Default Script के रूप में भी किया जाता है।